भारतीय कहवत संग्रह भाग 2
Publication details: भारतीय विचार साधना प्रकाशन 1978 पुणेDescription: 788PPSummary: 'भारतीय कहावत संग्रह भाग-2' (Proverbs Of India) भारतीय भाषाओं की जीवंत और पारंपरिक लोकोक्तियों का एक विशाल संकलन है। इसमें विभिन्न भारतीय बोलियों और भाषाओं की कहावतों को हिंदी में अर्थ और संदर्भ के साथ सहेजा गया है। यह पुस्तक भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण शब्दकोश है। भारतीय कहावत संग्रह भाग-2 की मुख्य विशेषताएँ: संकलनकर्ता: विश्वनाथ दिनकर नरवणे (Vishwanath Dinakar Naravane). प्रकाशक: भारतीय विचार साधना. सामग्री: इसमें विभिन्न भारतीय भाषाओं की कहावतें, उनके अर्थ और संदर्भ शामिल हैं। पृष्ठ संख्या: लगभग 792 पृष्ठ (हार्ड कवर). उपयोगिता: भाषाविदों, शोधकर्ताओं और सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए एक उत्कृष्ट संदर्भ पुस्तक है। BookGanga +2 यह पुस्तक ग्रामीण और क्षेत्रीय संस्कृति में प्रचलित अनमोल कहावतों को संरक्षित करने का प्रयास करती है, जो समय के साथ लुप्त होती जा रही हैं।| Cover image | Item type | Current library | Home library | Collection | Shelving location | Call number | Materials specified | Vol info | URL | Copy number | Status | Notes | Date due | Barcode | Item holds | Item hold queue priority | Course reserves | |
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| Books | MKSSS s K.B. Joshi Institute of Information Technology Library | MCA | Available (not for issue) | 2969 | KBJP-BK-2969 |
'भारतीय कहावत संग्रह भाग-2' (Proverbs Of India) भारतीय भाषाओं की जीवंत और पारंपरिक लोकोक्तियों का एक विशाल संकलन है। इसमें विभिन्न भारतीय बोलियों और भाषाओं की कहावतों को हिंदी में अर्थ और संदर्भ के साथ सहेजा गया है। यह पुस्तक भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण शब्दकोश है।
भारतीय कहावत संग्रह भाग-2 की मुख्य विशेषताएँ:
संकलनकर्ता: विश्वनाथ दिनकर नरवणे (Vishwanath Dinakar Naravane).
प्रकाशक: भारतीय विचार साधना.
सामग्री: इसमें विभिन्न भारतीय भाषाओं की कहावतें, उनके अर्थ और संदर्भ शामिल हैं।
पृष्ठ संख्या: लगभग 792 पृष्ठ (हार्ड कवर).
उपयोगिता: भाषाविदों, शोधकर्ताओं और सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए एक उत्कृष्ट संदर्भ पुस्तक है।
BookGanga
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यह पुस्तक ग्रामीण और क्षेत्रीय संस्कृति में प्रचलित अनमोल कहावतों को संरक्षित करने का प्रयास करती है, जो समय के साथ लुप्त होती जा रही हैं।
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