भारतीय व्यवहार कोष
Publication details: भारतीय विचार साधना प्रकाशन 2018 पुणे Edition: 3rd EDDescription: 304ppSummary: भारतीय व्यवहार कोश | Hindi Book | Bhartiya ...भारतीय व्यवहार कोश (Indian Behavior Dictionary) विश्वनाथ दिनकर नरवणे द्वारा संकलित, 16 भारतीय भाषाओं का एक अनूठा शब्दकोश है, जो विभिन्न प्रांतों में दैनिक बातचीत और व्यावहारिक संवाद को आसान बनाता है। यह कोश भाषा, फल, फूल, घरेलू वस्तुओं और रोजमर्रा के वाक्यों का हिंदी (और अन्य भाषाओं) में अनुवाद प्रदान करता है, जो भारत में भाषिक एकात्मता और सहिष्णुता को बढ़ावा देता है।| Cover image | Item type | Current library | Home library | Collection | Shelving location | Call number | Materials specified | Vol info | URL | Copy number | Status | Notes | Date due | Barcode | Item holds | Item hold queue priority | Course reserves | |
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| Books | MKSSS s K.B. Joshi Institute of Information Technology Library | MCA | Available (not for issue) | 2972 | KBJP-BK-2972 |
रतीय व्यवहार कोश की मुख्य विशेषताएं:
16 भाषाओं का समावेश: यह कोश देश की विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटता है, जिससे एक-दूसरे की भाषा सीखना आसान हो जाता है।
दैनिक व्यवहार के शब्द: इसमें फल, अनाज, फूल, घरेलु वस्तुएं और शरीर के अंगों के नाम अलग-अलग भाषाओं में दिए गए हैं।
आम बोलचाल के वाक्य: घर, बाजार, ऑफिस और रेलवे स्टेशन आदि पर उपयोग होने वाले वाक्यों के अनुवाद इसमें शामिल हैं।
उद्देश्य: भाषाई प्रेम बढ़ाना, क्षेत्रीय भिन्नता को कम करना और भारत में एकता की भावना को मजबूत करना।
ऐतिहासिक महत्व: इस कोश का प्रकाशन 1962 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया था और इसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी सराहा था।
Exotic India Art
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यह पुस्तक उन लोगों के लिए बहुत मददगार है जो देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करते हैं या जो भारत की विविध भाषाओं को जानना चाहते हैं
भारतीय व्यवहार कोश | Hindi Book | Bhartiya ...भारतीय व्यवहार कोश (Indian Behavior Dictionary) विश्वनाथ दिनकर नरवणे द्वारा संकलित, 16 भारतीय भाषाओं का एक अनूठा शब्दकोश है, जो विभिन्न प्रांतों में दैनिक बातचीत और व्यावहारिक संवाद को आसान बनाता है। यह कोश भाषा, फल, फूल, घरेलू वस्तुओं और रोजमर्रा के वाक्यों का हिंदी (और अन्य भाषाओं) में अनुवाद प्रदान करता है, जो भारत में भाषिक एकात्मता और सहिष्णुता को बढ़ावा देता है।
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