@book{370096,
	author = { गोडबोले ए.},
	title = {सावरकर  विचारदर्शन},
	publisher = {भारतीय  विचार  साधना  प्रकाशन },
	year = {1983},
	address = {पुणे },
	note = {हिंदुत्व की अवधारणा: सावरकर के अनुसार, हिंदुत्व केवल धर्म नहीं, बल्कि एक संस्कृति और राष्ट्रवाद का आधार है। इसमें सभी भारतीय मूल के धर्म शामिल हैं, जो पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को एक 'हिंदू राष्ट्र' के रूप में देखते हैं।
राष्ट्रवाद और सुरक्षा: सावरकर के विचारों में सशक्त राष्ट्र के लिए सैन्यीकरण और आधुनिक औद्योगिक तकनीक का महत्व निहित है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: वे अंधविश्वास के खिलाफ थे और देश की प्रगति के लिए तर्कसंगत (rational) सोच पर जोर देते थे।
अखंड भारत: उनका मानना था कि भारत को भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से अखंड होना चाहिए।}
}
